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मिसकैरेज के अलावा इन कारणों से पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में हो सकती है बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग और सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के नौ महीनों में पीरियडà¥à¤¸ à¤à¤²à¥‡ ही ना होते हों लेकिन हलà¥â€à¤•ी सà¥â€à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग या बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग हो सकती है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग या सà¥â€à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग को महिलाà¤à¤‚ मिसकैरेज समठलेती हैं जबकि à¤à¤¸à¤¾ नहीं है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में सà¥â€à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग या बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग का कà¥à¤› और मतलब à¤à¥€ हो सकता है।
spotting-or-bleeding-during-pregnancy
मां बनना किसी à¤à¥€ औरत के लिठदà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के सबसे बेसà¥à¤Ÿ à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤‚स में से à¤à¤• होता है। अपने बचà¥à¤šà¥‡ को 9 महीने तक गरà¥à¤ में पालना कोई आसान काम नहीं है। इस दौरान शरीर के अंदर कई बदलाव होते हैं और कई तरह के अचà¥à¤›à¥‡ और बà¥à¤°à¥‡ हर तरह के अनà¥à¤à¤µ का à¤à¥€ सामना करना पड़ता है। लेकिन अगर आप पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट हैं और हलà¥à¤•ी सी à¤à¥€ बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग या सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग नजर आठतो किसी का à¤à¥€ परेशान और पैनिक होना लाजिमी है।
हालांकिठइस सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग का मतलब जरूरी नहीं कि आपकी पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में कà¥à¤› गलत हो गया है। à¤à¤¸à¥€ कई महिलाà¤à¤‚ होती हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पूरी पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान हलà¥à¤•ी बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग या सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग होती रहती है बावजूद इसके वे à¤à¤• हेलà¥à¤¦à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® देती हैं।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के 12 हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक 25% महिलाओं को होती है सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग
डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ और गाइनैकॉलजिसà¥à¤Ÿà¥à¤¸ की मानें तो पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के पहले टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤° यानी शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ 3 महीने में हलà¥à¤•ी बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग या सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग होना बेहद कॉमन और नॉरà¥à¤®à¤² सी बात है। करीब 25 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के 12 हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक हलà¥à¤•ी बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग या सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग का अनà¥à¤à¤µ होता है।
की à¤à¤• सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ की मानें तो पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के छठे और सातवें हफà¥à¤¤à¥‡ में बेहद कॉमन बाता है। लेकिन होने वाली मांà¤à¤‚ अकà¥à¤¸à¤° à¤à¤¸à¥€ चीजें देखकर घबरा जाती हैं। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान होने वाली सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग का रंग और फà¥à¤²à¥‹ दोनों ही मेनà¥à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥à¤…ल पीरियड के दौरान होने वाली बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग से हलà¥à¤•ा होता है या फिर कई बार डारà¥à¤• बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ कलर का à¤à¥€ हो सकता है और महज à¤à¤•-दो डà¥à¤°à¥‰à¤ª खून ही नजर आता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान à¤à¥‚ल से à¤à¥€ न करें ये 5 गलतियां
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग की वजहें
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान हलà¥à¤•ी बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग और सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग दिखने की कई वजहें हो सकती हैं-
- जब à¤à¥à¤°à¥‚ण होता है इमà¥à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤‚ट
फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥‡à¤¶à¤¨ यानी गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ होने के 10 से 12 दिन के बाद जब à¤à¥à¤°à¥‚ण यूटà¥à¤°à¤¸ में इमà¥à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤‚ट होने लगता है उस दौरान à¤à¥€ हलà¥à¤•ी बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होती है जिसे पीरियडà¥à¤¸ समà¤à¤¾ जा सकता है। लेकिन ये मà¥à¤¶à¥à¤•िल से 2 या 3 दिन तक ही रहता है, पीरियडà¥à¤¸ की तरह 5 से 7 दिन नहीं।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में कौन-से फल खाने चाहिà¤?
- यह फाइबर और अनà¥à¤¯ खास पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र फल है जो मां और गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠके लिठà¤à¥€ बहà¥à¤¤ आवशà¥à¤¯à¤• है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान होने वाली खून की कमी को दूर करने के लिठअनार में मौजूद आयरन पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ रूप से मदद करता है।
अमरूद में मौजूद कैरोटेनॉयड की मातà¥à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट महिलाओं के लिठबहà¥à¤¤ जरूरी है। इसके अलावा यह बà¥à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ को à¤à¥€ मेंटेन रखता है।
इसमें मौजूद पोटेशियम की मातà¥à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के खतरे को कम करती है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में कीवी का सेवन करने से महिलाओं को फोलेट की पूरà¥à¤¤à¤¿ होती है जो उनके शिशॠके लिठबहà¥à¤¤ जरूरी होता है।
इसमें मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से फोलेट, विटामिन-सी, विटामिन-बी6 जैसे पोषक ततà¥à¤µ होते हैं जो बचà¥à¤šà¥‡ को नà¥à¤¯à¥‚रल टà¥à¤¯à¥‚ब डिफेकà¥à¤Ÿ से बचा सकते हैं।
खà¥à¤¬à¤¾à¤¨à¥€ (Apricot) में मौजूद विटामिन-à¤, विटामिन-सी, विटामिन-ई, और बीटा-कैरोटीन जैसे पोषक ततà¥à¤µ शिशॠके विकास के लिठआवशà¥à¤¯à¤• होते हैं।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान होने वाली मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस, सीने में जलन और हाथों पैरों में होने वाली सूजन से राहत दिलाने के लिठतरबूज लाà¤à¤•ारी फल है।
- वजाइनल इंफेकà¥à¤¶à¤¨
कई बार पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान महिलाओं को वजाइना में इंफेकà¥à¤¶à¤¨ à¤à¥€ हो जाता है जिस वजह से हलà¥à¤•ा बà¥à¤²à¤¡ सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿ नजर आ सकता है। अगर पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान किसी महिला को यीसà¥à¤Ÿ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ हो जाठतो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग महसूस हो सकती है।
- सेकà¥à¤¶à¥à¤…ल इंटरकोरà¥à¤¸
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दूसरे और तीसरे टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤° में सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ में सूजन आ जाती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शरीर के इस हिसà¥à¤¸à¥‡ में बà¥à¤²à¤¡ सपà¥à¤²à¤¾à¤¯à¥€ बढ़ जाती है। इस दौरान अगर आप पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤° संग इंटिमेट होती हैं या किसी à¤à¥€ तरह की सेकà¥à¤¶à¥à¤…ल गतिविधि करती हैं तो इस वजह से à¤à¥€ हलà¥à¤•ी बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग या सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग हो सकती है।
- मिसकैरेजका खतरा
हालांकि पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान थोड़ी बहà¥à¤¤ सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग हो तो घबराने की जरूरत नहीं लेकिन कई बार बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग और सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग बेहद गंà¤à¥€à¤° à¤à¥€ बन जाती है और वो वजह है मिसकैरेज। आमतौर पर पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के 13 हफà¥à¤¤à¥‡ में मिसकैरेजहोता है। à¤à¤¸à¥‡ में अगर सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग के साथ हेवी कà¥à¤°à¥ˆà¤®à¥à¤ªà¥à¤¸ और नॉरà¥à¤®à¤² पीरियडà¥à¤¸ से à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होने लग जाठतो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये मिसकैरेज का संकेत हो सकता है।
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